श्री वोकल माता गौशाला तवावसमस्त ग्राम वासी युवाओ का साथ बेसहारा पशु का सहारा बनना
तवाव के युवाओं ने पेश की जीव-दया की मिसाल, मकर संक्रांति पर बेसहारा नंदी और बछड़ों को मिला सहारा तवाव (संवाददाता): RonsinghTawao मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जहाँ लोग दान-पुण्य में व्यस्त थे, वहीं तवाव गाँव के युवाओं और समस्त ग्रामीणों ने मिलकर सामाजिक सरोकार की एक नई इबारत लिखी है। श्री वोकल माता गौशाला में आज सामूहिक सहयोग से उन बेसहारा नंदी और छोटे बछड़ों के लिए विशेष व्यवस्था की गई, जो अब तक सड़कों पर लावारिस घूमने को मजबूर थे। युवाओं की पहल से मिली नई राह इस नेक कार्य की विशेष बात यह रही कि गाँव के युवाओं ने नेतृत्व संभालते हुए घर-घर जाकर जनसंपर्क किया और ग्रामीणों को इस सेवा कार्य से जोड़ा। युवाओं के इसी जज्बे को देखते हुए ग्रामीणों ने भी मुक्त हस्त से 'तन-मन-धन' से योगदान दिया। आज मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर इन बेसहारा पशुओं को गौशाला में लाकर उनके चारे, पानी और सुरक्षा का संकल्प लिया गया। निःस्वार्थ सेवा ही मुख्य उद्देश्य गौशाला प्रबंधन और युवाओं ने बताया कि इस अभियान का एकमात्र उद्देश्य इन बेजुबानों की पीड़ा को कम करना है। बिना किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत स्वार्थ ...