Posts

Showing posts from September, 2025

श्री मान मुकेश जी रमेश जी पुत्र श्री ऊकाजी राजपुरोहित लोपल परिवार तवाव वालों की तरफ़ से श्रीआत्मानन्द जी आश्रम पुणे में भूमि दान ₹1551000 करने पर आपका खूब खूब आभार समाज सेवी ऊँका जी पुत्र पूनमा जी

Image
 श्री मान मुकेश जी रमेश जी पुत्र श्री ऊकाजी राजपुरोहित लोपल परिवार  तवाव वालों की तरफ़ से  श्रीआत्मानन्द जी आश्रम पुणे में भूमि दान ₹1551000   करने पर  आपका खूब खूब आभार समाज सेवी ऊँका जी  पुत्र पूनमा जी   राजपुरोहित (बाबा रामदेव) ग्रुप पुणे ( पोस्ट edit) #RonsinghTawao उका जी राजपुरोहित कहते हैं  समाज के लिए सेवा करना मतलब समाज के भले के लिए काम करना। इसमें विभिन्न प्रकार के कार्य शामिल हो सकते हैं, जैसे कि जरूरतमंदों की मदद करना, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान देना, पर्यावरण की रक्षा करना, और सामाजिक बुराइयों को दूर करने के प्रयास करना। समाज सेवा का मुख्य उद्देश्य समाज को बेहतर बनाना और सभी के जीवन को खुशहाल बनाना है। समाज सेवा करने से न केवल समाज को लाभ होता है, बल्कि व्यक्ति को भी संतुष्टि और खुशी मिलती है। संक्षेप में, सच्ची समाज सेवा वह सेवा है जो समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझकर, निस्वार्थ भावना से और पूर्ण समर्पण के साथ की जाती है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके.  ऊँका जी राजपुरोहित गॉव तवाव जिला जालोर रा...

पापा, एक केक ले आइए…' ICU में मनाया आखिरी बर्थडे, सबको हौसला देते हुए विदा हो गई 27 साल की पीहू।*

Image
  *'पापा, एक केक ले आइए…' ICU में मनाया आखिरी बर्थडे, सबको हौसला देते हुए विदा हो गई 27 साल की पीहू।* जालोर। जिंदगी से जूझते हुए भी चेहरे पर मुस्कान बनाए रखना आसान नहीं होता. लेकिन 27 साल की प्रियंका उर्फ पीहू ने यही किया. हड्डियों के दुर्लभ कैंसर से संघर्ष करती प्रियंका ने 2 सितंबर को अंतिम सांस ली. प्रियंका की कहानी खास इसलिए है कि इस लड़की ने अंतिम पलों तक अपने जीवन को खुशी और उत्साह से रखा. ICU में पिता से कहा – पापा, केक ले आइए… मैं अपने आखिरी पल हंसते हुए मनाना चाहती हूं. जिंदगी से जूझते हुए भी चेहरे पर मुस्कान बनाए रखने वाली प्रियंका उर्फ पीहू अब इस दुनिया में नहीं हैं. हड्डियों के कैंसर से जूझ रही 27 साल की प्रियंका ने 2 सितंबर को अंतिम सांस ली. जाने से ठीक सात दिन पहले उन्होंने ICU में अपना जन्मदिन जैसा जश्न मनाया. मशीनों में बंधी हुई हालत में भी प्रियंका ने पिता से कहा- पापा, एक केक ले आइए… मैं अपने आखिरी पल हंसते हुए मनाना चाहती हूं. उस दिन अस्पताल का माहौल भावुक हो गया. स्टाफ की आंखों में आंसू थे, प्रियंका के परिजन ICU की गैलरी में जाकर रो पड़े, लेकिन प्रियंका सभी क...