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Showing posts from November, 2025

आज धरम जी 89 साल की उम्र में इस दुनिया को छोड़कर चले गए। धरम जी को नमन। और सैल्यूट, जो उन्होंने अनेकों फ़िल्मों से हम सभी का मनोरजंन किया। #Dharmendra

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 कहानी उस वक्त की है जब सनी देओल की पहली फिल्म बेताब रिलीज़ होने वाली थी। जिस दिन सनी देओल ने अपनी डबिंग कंप्लीट की उसी दिन धर्मेंद्र के पास फिल्म का प्रोमो भी आ गया। और उन्होंने जब वो प्रोमो देखा तो उन्हें बड़ा गुस्सा आया। जहां सनी देओल खुश थे कि अब जल्दी ही उनकी फिल्म रिलीज़ होगी। तो वहीं सनी की डबिंग सुनकर धर्मेंद्र का पारा हाई था। होता भी क्यों नहीं। सनी को लॉन्च करने के लिए वो कड़ी मेहनत कर रहे थे। फिल्म से जुड़ी एक-एक चीज़ पर बारीकी से नज़रें बनाए हुए थे। इसलिए जब उन्होंने सनी की वो डबिंग सुनी तो रात में ही उन्होंने सनी को अपने पास बुलाया। उन्होंने सनी को डांटते हुए कहा कि तुमने ज़रा भी मेहनत डबिंग पर नहीं की है। बहुत खराब डबिंग की है।    फिर रात को ही धर्मेंद्र ने सनी को अपने साथ डबिंग स्टूडियो लेकर गए। फिर पूरी रात धर्मेंद्र सनी के साथ बैठकर उनकी डबिंग कराते रहे। लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब धर्मेंद्र सनी से बोले,"ऐसे ही पूरी डबिंग करना। मैं घर जा रहा हूं।" सनी को लगा कि उनके पापा सच में चले गए हैं। चूंकि वो काफी थक चुके थे तो उन्होंने डबिंग करा रहे टैक्निशियन से कहा ...

#धर्मेंद्र #हेमा मालिनी #देओल परिवार

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  धर्मेंद्र दो दुनियाओं के मिलन बिंदु पर खड़े थे—लय में अलग, फिर भी उनके हृदय में मौजूद स्थिर, शांत शक्ति ने उन्हें एक सूत्र में पिरोया हुआ था। अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ, उन्होंने निष्ठा, गरिमा और पुराने ज़माने के मूल्यों पर आधारित एक नींव रखी। उन्होंने साथ मिलकर चार बच्चों—सनी देओल, बॉबी देओल, विजेता देओल और अजीता देओल—का पालन-पोषण किया और एक ऐसे परिवार का निर्माण किया जो शोरगुल से नहीं, बल्कि एकता से परिभाषित होता था। इसी घर से ऐसे बेटे निकले जिन्होंने पर्दे पर उनकी शक्ति और गरिमा की विरासत को आगे बढ़ाया, और ऐसी बेटियाँ जिनकी उपस्थिति सौम्य और ज़मीनी रही। 1980 में, हेमा मालिनी के साथ एक नया अध्याय शुरू हुआ, एक ऐसा मिलन जिसमें स्टारडम और ईमानदारी का मिश्रण था। बेटियों ईशा और अहाना देओल के साथ, धर्मेंद्र ने एक ऐसी दुनिया का निर्माण किया जहाँ कलात्मकता स्नेह से मिलती थी, और जहाँ ग्लैमर कभी भी परिवार और एकजुटता के मूल्यों पर हावी नहीं हुआ। सार्वजनिक रूप से दो परिवारों का प्रबंधन करना कभी आसान नहीं होता, फिर भी धर्मेंद्र ने इसे बिना किसी नाटकीयता के—केवल ज़िम्मेदारी, उपस्थित...

धर्मेंद्र जी का एक सच्चा फैन - 1350 किलोमीटर की अनोखी दीवानगी! 🤗

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 धर्मेंद्र जी का एक सच्चा फैन - 1350 किलोमीटर की अनोखी दीवानगी! 🤗 बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र जी के करोड़ों चाहने वाले हैं, लेकिन बीकानेर के प्रीतम जी जैसी दिवानगी शायद ही किसी में देखने को मिले। धर्मेंद्र जी के इस ज़बरदस्त फैन ने अपने आदर्श से मिलने के लिए 1350 किलोमीटर का लंबा सफर साइकिल से तय किया। बीकानेर से मुंबई तक का यह कठिन सफर केवल प्रेम, सम्मान और जुनून की वजह से पूरा किया गया।🙂 कहानी और खास तब हो जाती है जब पता चलता है कि यह सफर उन्होंने तब शुरू किया, जब उनके पसंदीदा हीरो अपना 75वां जन्मदिन मनाने वाले थे। अपने स्टार को बधाई देने का प्रीतम जी ने इतना अनोखा और दिल छू लेने वाला तरीका चुना कि बिना किसी हिचकिचाहट के बीकानेर से मुंबई की राह पकड़ ली।👍 प्रीतम जी की दीवानगी यहीं खत्म नहीं होती। उन्होंने अपनी इस श्रद्धा को हमेशा ज़िंदा रखने के लिए अपने शहर में एक खास स्टूडियो भी बनाया, जिसका नाम उन्होंने रखा - "धर्मेंद्र कलर लेब स्टूडियो"। यह नाम उनके दिल में बसे आदर और लगन का जीता-जागता सबूत है।👌 धर्मेंद्र जी के प्रति ऐसा समर्पण बहुत कम देखने को मिलता है। प्रीतम जी की यह...

Rip धर्मेंद्र

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 धर्मेंद्र मान चुके थे कि ये फिल्म फ्लॉप ही होगी। इसलिए जब ये फिल्म रिलीज़ होनी थी उससे पहले ही धर्मेंद्र मुंबई से गायब हो चुके थे। फिल्म से जुड़े सभी लोग हैरान थे कि धर्मेंद्र कहां चले गए हैं। पता चला कि वो तो कश्मीर में किसी दूसरी फिल्म की शूटिंग करने गए हैं। खैर, धर्मेंद्र के बिना एक छोटा सा प्रीमियर रखा गया और ये फिल्म रिलीज़ कर दी गई। सोमवार का दिन आया तो किसी से धर्मेंद्र को पता चला कि आपकी वो फिल्म तो हिट हो गई। लोग उसे खूब पसंद कर रहे हैं। और कश्मीर में भी उसके सभी शोज़ हाउसफुल जा रहे हैं। धर्मेंद्र को जब ये सब बातें पता चली तो काफी हैरान और साथी ही साथ खुश भी हुए। वो कश्मीर के एक सिनेमा हॉल में ये फिल्म देखने पहुंच गए। और वहां फिल्म को लेकर धर्मेंद्र ने लोगों की जो प्रतिक्रिया देखी उससे वो गदगद हो गए।   धर्मेंद्र ने अगली सुबह की पहली फ्लाइट पकड़ी और मुंबई आ गए। धर्मेंद्र सीधा पहुंचे इस फिल्म के डायरेक्टर दुलाल गुहा के गर। सुबह के नौ बजे का वक्त था। धर्मेंद्र ने दुलाल गुहा के घर की डोर बैल कई दफा बजाई। बार-बार बज रही डोरबैल की आवाज़ से इरिटेट होकर दुलाल गुहा के बेटे पु...